सूरह At-Tariq

سورة الطارق

क़ुरआन की 114 सूरतों में 86वीं, मक्की, 17 आयतें। उस्मानी लिपि में पूरा अरबी पाठ (हफ़्स अन आसिम) और हिंदी अनुवाद।

#86मक्की17 आयतें
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सूरह संख्या
86
आयतें
17
अवतरण
मक्की
पारा
30
मुसहफ़ के पृष्ठ
591

सुनें · Mishary Rashid Alafasy

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ

وَٱلسَّمَآءِ وَٱلطَّارِقِ ﴿١﴾

1आसमान और रात को आने वाले की क़सम

وَمَآ أَدْرَىٰكَ مَا ٱلطَّارِقُ ﴿٢﴾

2और तुमको क्या मालूम रात को आने वाला क्या है

ٱلنَّجْمُ ٱلثَّاقِبُ ﴿٣﴾

3(वह) चमकता हुआ तारा है

إِن كُلُّ نَفْسٍۢ لَّمَّا عَلَيْهَا حَافِظٌۭ ﴿٤﴾

4(इस बात की क़सम) कि कोई शख़्श ऐसा नहीं जिस पर निगेहबान मुक़र्रर नहीं

فَلْيَنظُرِ ٱلْإِنسَٰنُ مِمَّ خُلِقَ ﴿٥﴾

5तो इन्सान को देखना चाहिए कि वह किस चीज़ से पैदा हुआ हैं

خُلِقَ مِن مَّآءٍۢ دَافِقٍۢ ﴿٦﴾

6वह उछलते हुए पानी (मनी) से पैदा हुआ है

يَخْرُجُ مِنۢ بَيْنِ ٱلصُّلْبِ وَٱلتَّرَآئِبِ ﴿٧﴾

7जो पीठ और सीने की हड्डियों के बीच में से निकलता है

إِنَّهُۥ عَلَىٰ رَجْعِهِۦ لَقَادِرٌۭ ﴿٨﴾

8बेशक ख़ुदा उसके दोबारा (पैदा) करने पर ज़रूर कुदरत रखता है

يَوْمَ تُبْلَى ٱلسَّرَآئِرُ ﴿٩﴾

9जिस दिन दिलों के भेद जाँचे जाएँगे

فَمَا لَهُۥ مِن قُوَّةٍۢ وَلَا نَاصِرٍۢ ﴿١٠﴾

10तो (उस दिन) उसका न कुछ ज़ोर चलेगा और न कोई मददगार होगा

وَٱلسَّمَآءِ ذَاتِ ٱلرَّجْعِ ﴿١١﴾

11चक्कर (खाने) वाले आसमान की क़सम

وَٱلْأَرْضِ ذَاتِ ٱلصَّدْعِ ﴿١٢﴾

12और फटने वाली (ज़मीन की क़सम)

إِنَّهُۥ لَقَوْلٌۭ فَصْلٌۭ ﴿١٣﴾

13बेशक ये क़ुरान क़ौले फ़ैसल है

وَمَا هُوَ بِٱلْهَزْلِ ﴿١٤﴾

14और लग़ो नहीं है

إِنَّهُمْ يَكِيدُونَ كَيْدًۭا ﴿١٥﴾

15बेशक ये कुफ्फ़ार अपनी तदबीर कर रहे हैं

وَأَكِيدُ كَيْدًۭا ﴿١٦﴾

16और मैं अपनी तद्बीर कर रहा हूँ

فَمَهِّلِ ٱلْكَٰفِرِينَ أَمْهِلْهُمْ رُوَيْدًۢا ﴿١٧﴾

17तो काफ़िरों को मोहलत दो बस उनको थोड़ी सी मोहलत दो

क़ुरआन का पाठ: तंज़ील प्रोजेक्ट (tanzil.net), उस्मानी लिपि, हूबहू प्रति, CC BY 3.0। अनुवाद: सुहेल फ़ारूक़ ख़ान और सैफ़ुर्रहमान नदवी।

सूरह At-Tariq में कितनी आयतें हैं?

सूरह At-Tariq में 17 आयतें हैं।

सूरह At-Tariq मक्की है या मदनी?

सूरह At-Tariq मक्की सूरह है, मुसहफ़ के क्रम में 86वीं।

सूरह At-Tariq किस पारे में है?

सूरह At-Tariq पारा 30 में है, मदीना मुसहफ़ के पृष्ठ 591 पर।