- सूरह संख्या
- 107
- आयतें
- 7
- अवतरण
- मक्की
- पारा
- 30
- मुसहफ़ के पृष्ठ
- 602
सुनें · Mishary Rashid Alafasy
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
أَرَءَيْتَ ٱلَّذِى يُكَذِّبُ بِٱلدِّينِ ﴿١﴾
1क्या तुमने उस शख़्श को भी देखा है जो रोज़ जज़ा को झुठलाता है
فَذَٰلِكَ ٱلَّذِى يَدُعُّ ٱلْيَتِيمَ ﴿٢﴾
2ये तो वही (कम्बख्त) है जो यतीम को धक्के देता है
وَلَا يَحُضُّ عَلَىٰ طَعَامِ ٱلْمِسْكِينِ ﴿٣﴾
3और मोहताजों को खिलाने के लिए (लोगों को) आमादा नहीं करता
فَوَيْلٌۭ لِّلْمُصَلِّينَ ﴿٤﴾
4तो उन नमाज़ियों की तबाही है
ٱلَّذِينَ هُمْ عَن صَلَاتِهِمْ سَاهُونَ ﴿٥﴾
5जो अपनी नमाज़ से ग़ाफिल रहते हैं
ٱلَّذِينَ هُمْ يُرَآءُونَ ﴿٦﴾
6जो दिखाने के वास्ते करते हैं
وَيَمْنَعُونَ ٱلْمَاعُونَ ﴿٧﴾
7और रोज़मर्रा की मालूली चीज़ें भी आरियत नहीं देते
क़ुरआन का पाठ: तंज़ील प्रोजेक्ट (tanzil.net), उस्मानी लिपि, हूबहू प्रति, CC BY 3.0। अनुवाद: सुहेल फ़ारूक़ ख़ान और सैफ़ुर्रहमान नदवी।
सूरह Al-Ma'un में कितनी आयतें हैं?
सूरह Al-Ma'un में 7 आयतें हैं।
सूरह Al-Ma'un मक्की है या मदनी?
सूरह Al-Ma'un मक्की सूरह है, मुसहफ़ के क्रम में 107वीं।
सूरह Al-Ma'un किस पारे में है?
सूरह Al-Ma'un पारा 30 में है, मदीना मुसहफ़ के पृष्ठ 602 पर।