- सूरह संख्या
- 108
- आयतें
- 3
- अवतरण
- मक्की
- पारा
- 30
- मुसहफ़ के पृष्ठ
- 602
सुनें · Mishary Rashid Alafasy
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
إِنَّآ أَعْطَيْنَٰكَ ٱلْكَوْثَرَ ﴿١﴾
1(ऐ रसूल) हमनें तुमको को कौसर अता किया,
فَصَلِّ لِرَبِّكَ وَٱنْحَرْ ﴿٢﴾
2तो तुम अपने परवरदिगार की नमाज़ पढ़ा करो
إِنَّ شَانِئَكَ هُوَ ٱلْأَبْتَرُ ﴿٣﴾
3और क़ुर्बानी दिया करो बेशक तुम्हारा दुश्मन बे औलाद रहेगा
क़ुरआन का पाठ: तंज़ील प्रोजेक्ट (tanzil.net), उस्मानी लिपि, हूबहू प्रति, CC BY 3.0। अनुवाद: सुहेल फ़ारूक़ ख़ान और सैफ़ुर्रहमान नदवी।
सूरह Al-Kawthar में कितनी आयतें हैं?
सूरह Al-Kawthar में 3 आयतें हैं।
सूरह Al-Kawthar मक्की है या मदनी?
सूरह Al-Kawthar मक्की सूरह है, मुसहफ़ के क्रम में 108वीं।
सूरह Al-Kawthar किस पारे में है?
सूरह Al-Kawthar पारा 30 में है, मदीना मुसहफ़ के पृष्ठ 602 पर।