- सूरह संख्या
- 1
- आयतें
- 7
- अवतरण
- मक्की
- पारा
- 1
- मुसहफ़ के पृष्ठ
- 1
सुनें · Mishary Rashid Alafasy
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ ﴿١﴾
1अल्लाह के नाम से जो रहमान व रहीम है।
ٱلْحَمْدُ لِلَّهِ رَبِّ ٱلْعَٰلَمِينَ ﴿٢﴾
2तारीफ़ अल्लाह ही के लिये है जो तमाम क़ायनात का रब है।
ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ ﴿٣﴾
3रहमान और रहीम है।
مَٰلِكِ يَوْمِ ٱلدِّينِ ﴿٤﴾
4रोज़े जज़ा का मालिक है।
إِيَّاكَ نَعْبُدُ وَإِيَّاكَ نَسْتَعِينُ ﴿٥﴾
5हम तेरी ही इबादत करते हैं, और तुझ ही से मदद मांगते है।
ٱهْدِنَا ٱلصِّرَٰطَ ٱلْمُسْتَقِيمَ ﴿٦﴾
6हमें सीधा रास्ता दिखा।
صِرَٰطَ ٱلَّذِينَ أَنْعَمْتَ عَلَيْهِمْ غَيْرِ ٱلْمَغْضُوبِ عَلَيْهِمْ وَلَا ٱلضَّآلِّينَ ﴿٧﴾
7उन लोगों का रास्ता जिन पर तूने इनाम फ़रमाया, जो माअतूब नहीं हुए, जो भटके हुए नहीं है।
क़ुरआन का पाठ: तंज़ील प्रोजेक्ट (tanzil.net), उस्मानी लिपि, हूबहू प्रति, CC BY 3.0। अनुवाद: सुहेल फ़ारूक़ ख़ान और सैफ़ुर्रहमान नदवी।
सूरह Al-Fatihah में कितनी आयतें हैं?
सूरह Al-Fatihah में 7 आयतें हैं।
सूरह Al-Fatihah मक्की है या मदनी?
सूरह Al-Fatihah मक्की सूरह है, मुसहफ़ के क्रम में 1वीं।
सूरह Al-Fatihah किस पारे में है?
सूरह Al-Fatihah पारा 1 में है, मदीना मुसहफ़ के पृष्ठ 1 पर।