- सूरह संख्या
- 103
- आयतें
- 3
- अवतरण
- मक्की
- पारा
- 30
- मुसहफ़ के पृष्ठ
- 601
सुनें · Mishary Rashid Alafasy
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَٰنِ ٱلرَّحِيمِ
وَٱلْعَصْرِ ﴿١﴾
1नमाज़े अस्र की क़सम
إِنَّ ٱلْإِنسَٰنَ لَفِى خُسْرٍ ﴿٢﴾
2बेशक इन्सान घाटे में है
إِلَّا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَعَمِلُوا۟ ٱلصَّٰلِحَٰتِ وَتَوَاصَوْا۟ بِٱلْحَقِّ وَتَوَاصَوْا۟ بِٱلصَّبْرِ ﴿٣﴾
3मगर जो लोग ईमान लाए, और अच्छे काम करते रहे और आपस में हक़ का हुक्म और सब्र की वसीयत करते रहे
क़ुरआन का पाठ: तंज़ील प्रोजेक्ट (tanzil.net), उस्मानी लिपि, हूबहू प्रति, CC BY 3.0। अनुवाद: सुहेल फ़ारूक़ ख़ान और सैफ़ुर्रहमान नदवी।
सूरह Al-'Asr में कितनी आयतें हैं?
सूरह Al-'Asr में 3 आयतें हैं।
सूरह Al-'Asr मक्की है या मदनी?
सूरह Al-'Asr मक्की सूरह है, मुसहफ़ के क्रम में 103वीं।
सूरह Al-'Asr किस पारे में है?
सूरह Al-'Asr पारा 30 में है, मदीना मुसहफ़ के पृष्ठ 601 पर।